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Showing posts from November, 2014

ALLAH KE LIYE FIRKO ME NA BATO ME TUMHARE HAATH JODTA HUN PYARE AAQA KE LIYE EK HO JAO

हो सकता है पढने में थोडा वक़्त लगे लेकिन में दावा करता हूँ की आप के रोंघटे खड़े हो जायेंगे और इस्लाम की मोहब्बत जाग उठेगी। इंशा अल्लाह ye padho shayad kuchh samajh pao or samjho to doosro ko bhi batao magar allah ke liye ek ho jao          एक काफ़िर है उत्बा बिन अबी वक़्क़ास उसने एक जंग में मेरे नबी सल्लल्लाहो अलैही वसल्लम को एक पत्थर ज़ोर से खींच कर मारा, पत्थर सहाबियों (रदीयल्लाहु अन्हु) क के घेरे को चीरता हुआ मेरे नबी सल्लल्लाहो अलैही वसल्लम के चेहरे मुबारक पर लगा और वो पीछे की तरफ गिर गए उनके दांत भी शहीद हुए चेहरा भी खून ओ खून हो गया, बेहोश हो कर गिर गए, सहाबा ने समझा के आप शहीद हो गये, सबने रोना शुरू कर दिया, थोड़ी देर बाद आपको होश आया तो सहाबा ने अर्ज़ किया के "या रसूल्लल्लाह,सल्लल्लाहो अलैही वसल्लम अब तो इनके लिए बद्दुआ फरमा दें" अब तो हक़ था की बद्दुआ कर देते मगर मेरे नबी सल्लल्लाहो अलैही वसल्लम ने दोनों हाथ उठा कर कहा "अल्लाहुम्मग्फिरले क़ौमी फ़इन्ना हुम् ल यादहूँ" "अल्लाह मेरी क़ौम को माफ़ कर दें इन्हे मेरा पता नहीं है". तो मेरे भाइयों ज...